आत्मा की हवा यहाँ है
आत्मा की आवाज़ यहाँ है
कुछ होने पर है, नया होने पर है
अदभुत यहाँ होने पर है
आत्मा की हवा यहाँ है,
आत्मा की आवाज़ यहाँ है
कुछ होने पर है, नया होने पर है
अद्भुत यहाँ होने पर है
1. कुछ नहीं था जब सुनसान थी ये धरती
बेडौल अंधेरों में डूबी
व हाँ आ ठहरा प्रभु का आत्मा
सुन्दर यह सृष्टि बन गई
2. टूटा हुआ जो वह फिर से बनाएगा
विलाप को तेरे वह हर्ष में बदलेगा
उदासी को वह आनन्द से भरेगा
Aatma kee hava yahaan hai,
Aatma kee aavaaz yahaan hai
Kuchh hone par hai, naya hone par hai
Adbhut yahaan hone par hai
1. Kuchh nahin tha jab sunsaan thee ye dharatee
Bedaul andheron mein doobee
Vahaan aa thahara prabhu ka aatma
Sundar yah srshti ban gaee
2. Toota hua jo vah phir se banaega
Vilaap ko tere vah harsh mein badalega
Udaasee ko vah aanand se bharega
Sung By: Dr. Paul Thomas Mathew |James Bovas
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